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Monday, 16 December 2013
Friday, 5 July 2013
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This is not official page of cbse board .
Here information provide by me For Your Help
purpose and 100% correct information by me for compart exam and improvement related Question.
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Saturday, 22 September 2012
IMPROVEMENT EXAM FORM FILL UP LAST DATE
Those student who not fill form for improvement of mark
they can take form before 31 oct but now charge fine if you late more
hurry up!
they can take form before 31 oct but now charge fine if you late more
hurry up!
Wednesday, 12 September 2012
यह न सोचें कि आपके साथ वाले कहां से कहां पहुंच गये
कल्पना करें कि आप व्यस्त ट्रैफिक में सड़क के बीच बाइक पर हैं और बाइक
खराब हो गयी. उस वक्त जिस तेजी से बाकी गाड़ियां आपको भागती नजर आती हैं,
उससे दिल में बेचैनी बढ़ जाती है. लगता है वे तो मंजिल तक पहुंच जायेंगे और
आप कितना पीछे रह गये.
कुछ ऐसी ही बेचैनी कई बार लोगों को अपने कैरियर को लेकर होती है. उन्हें लगता है कि कैरियर की रेस में वे काफी पीछे रह गये हैं और उनके साथ के लोग काफी आगे निकल
गये हैं.
पिछले दिनों लंबे समय बाद कॉलेज के एक मित्र के घर जाना हुआ. वह सरकारी अधिकारी हैं. ठीक-ठाक पैसे मिलते हैं, लेकिन अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं हैं. मैंने पूछा कैसी चल रही है जिंदगी, तो उसने कहा- बस ये समझ लो कि चल रही है. मेरे साथ के लोग आज कहां से कहां पहुंच गये, लेकिन मैं यहीं रह गया. मैंने जिसे सिखाया आज वो मुझसे ज्यादा कमा रहा है. और कल्पेश की तो ैजैसे लॉटरी ही लग गयी.
लाखों में खेल रहा है बंदा. मैं जितनी देर उसके पास रहा, उसने अपने बारे में तो कम ही बातें की, लेकिन दूसरों की बेहतर स्थिति का रोना जरूर रोता रहा. यह स्थिति मैंने कइयों के साथ देखी है. शायद ही कोई ऐसा मिला हो, जो अपनी स्थिति से खुश हो. सभी को यही लगता है कि जिंदगी का सारा संघर्ष उन्हीं के खाते में है और लॉटरी उनके साथवालों की लग गयी है.
हमें खुद से बेहतर करनेवालों की तरफ जरूर देखना चाहिए, लेकिन इस नजरिये से नहीं कि मैं वहीं रह गया और वह वहां पहुंच गया, बल्कि इस नजर से देखना चाहिए कि आप कैसे उनसे आगे पहुंच सकते हैं. आप मानें न मानें, लेकिन जब आप यह कहते हैं कि आपके साथवाला कहां से कहां पहुंच गया और आप वहीं रह गये, तो इसका मतलब है कि आप उससे ईर्ष्या करते हैं और अगर ईर्ष्या रहेगी, तो आपकी ऊर्जा का रुख नकारात्मक होगा. इसलिए ऐसा कहना छोड़ें और अपनी बातों में, अपने व्यवहार में सिर्फ खुद के आगे बढ़ने के लिए रास्ता तलाशें, अन्यथा आप खुद को बीच ट्रैफिक में ही खड़े पायेंगे और बाकी लोग आपसे बहुत आगे निकल जायेंगे.
बात पते कीः
-अपनी बातों में, अपने व्यवहार में सिर्फ खुद के आगे बढ़ने के लिए रास्ता तलाशें.
-हमें खुद से बेहतर करनेवालों की तरफ जरूर देखना चाहिए, लेकिन इस नजरिये से कि आप वहां तक कैसे पहुंच सकते हैं.
कुछ ऐसी ही बेचैनी कई बार लोगों को अपने कैरियर को लेकर होती है. उन्हें लगता है कि कैरियर की रेस में वे काफी पीछे रह गये हैं और उनके साथ के लोग काफी आगे निकल
गये हैं.
पिछले दिनों लंबे समय बाद कॉलेज के एक मित्र के घर जाना हुआ. वह सरकारी अधिकारी हैं. ठीक-ठाक पैसे मिलते हैं, लेकिन अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं हैं. मैंने पूछा कैसी चल रही है जिंदगी, तो उसने कहा- बस ये समझ लो कि चल रही है. मेरे साथ के लोग आज कहां से कहां पहुंच गये, लेकिन मैं यहीं रह गया. मैंने जिसे सिखाया आज वो मुझसे ज्यादा कमा रहा है. और कल्पेश की तो ैजैसे लॉटरी ही लग गयी.
लाखों में खेल रहा है बंदा. मैं जितनी देर उसके पास रहा, उसने अपने बारे में तो कम ही बातें की, लेकिन दूसरों की बेहतर स्थिति का रोना जरूर रोता रहा. यह स्थिति मैंने कइयों के साथ देखी है. शायद ही कोई ऐसा मिला हो, जो अपनी स्थिति से खुश हो. सभी को यही लगता है कि जिंदगी का सारा संघर्ष उन्हीं के खाते में है और लॉटरी उनके साथवालों की लग गयी है.
हमें खुद से बेहतर करनेवालों की तरफ जरूर देखना चाहिए, लेकिन इस नजरिये से नहीं कि मैं वहीं रह गया और वह वहां पहुंच गया, बल्कि इस नजर से देखना चाहिए कि आप कैसे उनसे आगे पहुंच सकते हैं. आप मानें न मानें, लेकिन जब आप यह कहते हैं कि आपके साथवाला कहां से कहां पहुंच गया और आप वहीं रह गये, तो इसका मतलब है कि आप उससे ईर्ष्या करते हैं और अगर ईर्ष्या रहेगी, तो आपकी ऊर्जा का रुख नकारात्मक होगा. इसलिए ऐसा कहना छोड़ें और अपनी बातों में, अपने व्यवहार में सिर्फ खुद के आगे बढ़ने के लिए रास्ता तलाशें, अन्यथा आप खुद को बीच ट्रैफिक में ही खड़े पायेंगे और बाकी लोग आपसे बहुत आगे निकल जायेंगे.
बात पते कीः
-अपनी बातों में, अपने व्यवहार में सिर्फ खुद के आगे बढ़ने के लिए रास्ता तलाशें.
-हमें खुद से बेहतर करनेवालों की तरफ जरूर देखना चाहिए, लेकिन इस नजरिये से कि आप वहां तक कैसे पहुंच सकते हैं.
Wednesday, 29 August 2012
IMPROVEMENT FORM
IMPROVEMENT ka FORM nikal chuka hai kripya lene ke liye cbse regional office aa kar lele
15 september ke baad lene per Rs 200 ka fine lage ga
aur yadi 31 September ke baad lete hai to fine badhta jayega.
aur January me improvement form bahrne per Rs 5000 ka fine lage ga.
Thank You!
15 september ke baad lene per Rs 200 ka fine lage ga
aur yadi 31 September ke baad lete hai to fine badhta jayega.
aur January me improvement form bahrne per Rs 5000 ka fine lage ga.
Thank You!
Thursday, 9 August 2012
CBSE -WHO FILL FORM IN SEPTEMBER MONTH
THOSE CANDIDATE PERFORM EXAM 2012 VIA SCHOOL AND GOT COMAPRT
THOSE CANDIDATE PERFORM COMPART EXAM VIA SCHOOL
THOSE CANDIDATE 3 SUBJECT VIA SCHOOL
THEY FILL FORM IN SEPTEMBER MONTH OF 1ST WEEK DIRECT FROM REGIONAL OFFICE .
THOSE PRIVATE CANDIDATE IF ABOVE ONE MATCH THEY ALSO FILL UP FORM IN SEPTEMBER MONTH OF 1ST WEEK
THOSE CANDIDATE PERFORM COMPART EXAM VIA SCHOOL
THOSE CANDIDATE 3 SUBJECT VIA SCHOOL
THEY FILL FORM IN SEPTEMBER MONTH OF 1ST WEEK DIRECT FROM REGIONAL OFFICE .
THOSE PRIVATE CANDIDATE IF ABOVE ONE MATCH THEY ALSO FILL UP FORM IN SEPTEMBER MONTH OF 1ST WEEK
Monday, 6 August 2012
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